भारतीय भाषा संगम २.० की इस अद्भुत यात्रा को देखें — भाषाओं का संगम, संस्कृतियों का उत्सव।
28-29 अप्रैल, 2026 | जीएससी भवन, एकतानगर, गुजरात
साहित्यिक गतिविधि संपूर्ण लोक-चेतना की अभिव्यक्ति है। यह संपूर्ण समुदाय, उसकी संस्कृति, उसके लोक जीवन और सामाजिक जीवन को अभिव्यक्त करती है। ये छह साहित्य अकादमियां एक बड़े दृष्टिकोण के साथ काम कर रही हैं, ताकि यह गतिविधि अधिक प्रगतिशील और उद्देश्यपूर्ण हो, हमारा साहित्य पूरे समुदाय तक पहुंच सके, हमारे लोक साहित्य की सामग्री एकत्र की जा सके और इसे राज्य और राज्य के बाहर, राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जा सके।
गुजरात साहित्य अकादमी, गांधीनगर में छह भाषाओं के साहित्य और संस्कृति के प्रोत्साहन हेतु समर्पण के साथ कार्यरत है। वर्तमान में सुप्रसिद्ध साहित्यकार और प्रशासक डॉ. भाग्येश ज्हा अकादमी के अध्यक्ष और डॉ. जयेन्द्रसिंह जादव महासचिव है।
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भारतीय भाषा मंच शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास का एक महत्त्वपूर्ण आयाम है। न्यास के रूप में इसका गठन 20 दिसंबर,2015 में हुआ। मातृभाषा में शिक्षा के आग्रह के साथ शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास प्रारंभ से ही कार्य कर रहा था, लेकिन कार्य करने के क्रम में ऐसा अनुभव हुआ कि शिक्षा में भारतीयता की पुनर्संथापना हेतु मात्र मातृभाषाओं में शिक्षा से परिवर्तन नहीं होगा। इसके लिए समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में और जीवन-व्यवहार में भी भारतीय भाषाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए प्रोत्साहन की आवश्यकता है। इस ध्येय के साथ शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास ने भारतीय भाषा मंच का गठन किया। पहले देश के सामाजिक और राजनीतिक विमर्श में भारतीय भाषाएं एक-दूसरे के समानांतर खड़ी होकर बाधाएं उत्पन्न कर रही थीं- भारतीय भाषा मंच के माध्यम से भारतीय भाषाओं के मध्य एकात्मता के समान बिंदुओं को चिन्हित कर भारतीय भाषाएं : भाषाएं अनेक, भाव एक का संदेश दिया गया और इस विषय को प्रमुखता से अकादमिक विमर्श के केन्द्र में लाने का प्रयास किया गया है। इस प्रकार वर्तमान में भारतीय भाषा मंच अपने आठ प्रमुख विषयों के साथ कार्य कर रहा है, जो इस प्रकार हैं:
भारतीय भाषा संगम गुजरात साहित्य अकादमी, गांधी नगर और शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के भारतीय भाषा मंच का एक संयुक्त आयोजन है। इस आयोजन के माध्यम से भारत की सभी भाषाओं के भाषाविदों और भारतीय भाषा-प्रेमियों को एक मंच प्रदान कर भारतीय भाषाओं के प्रोत्साहन, संरक्षण तथा संवर्धन हेतु एक सकारात्मक विमर्श को स्थापित करने का प्रयास किया जाता है।
जिस प्रकार सरदार पटेल ने संपूर्ण भारत का एकीकरण कर राष्ट्र की एकात्मकता का संदेश दिया, उसी प्रकार उनकी स्मृति में निर्मित विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा के परिसर में आयोजित 'भारतीय भाषा संगम' के माध्यम से भारत के भाषाई एकात्म का संदेश प्रेषित होता है।
कई कारणों से भारतीय भाषाओं के मध्य हमेशा दीवारें खड़ी की जाती रही हैं और भारत की भाषाएँ निरंतर देश को कमज़ोर करने और तोड़ने के रूप में व्यवहृत होते रही हैं, लेकिन 'भारतीय भाषा संगम' के द्वारा भारतीय भाषाओं के द्वारा तथा उनमें रचित साहित्य के माध्यम से देश को जोड़ने और सशक्त बनाने का संकल्प लिया जाता है।
भारतीय भाषा संगम २.० — भारत की विविध भाषाओं और संस्कृतियों का अनूठा उत्सव
शिक्षा बचाओ आंदोलन से 02 जुलाई 2004 से अपनी यात्रा को प्रारंभ करने वाले शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास का गठन 24 मई 2007 को नई दिल्ली में हुआ। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास शिक्षा में भारतीयता की पुनर्स्थापना हेतु समर्पित संस्था है।
अधिक जानेंगुजरात साहित्य अकादमी, गांधीनगर और शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली तथा भारतीय भाषा मंच के संयुक्त तत्वावधान में 18-19 अगस्त, 2023 को टेंट सिटी, स्टेच्यू ऑफ यूनिटी परिसर, एकता नगर, केवड़िया, जिला- नर्मदा, गुजरात में भारतीय भाषा संगम-01 का सफलतापूर्वक आयोजन सम्पन्न हुआ।
अधिक जानेंगुजरात साहित्य अकादमी, गांधीनगर और शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली तथा भारतीय भाषा मंच के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 28-29 अप्रैल, 2026 को जीएससी भवन, स्टेच्यू ऑफ यूनिटी अथॉरिटी क्षेत्र, एकता नगर, केवड़िया, जिला- नर्मदा, गुजरात, पिन कोड- 393151 में भारतीय भाषा संगम-02 का आयोजन किया जा रहा है।
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भाषा की एकता, एकता की भाषा
एकता की शक्ति — अनेकता में एकता
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जीएससी भवन
एकतानगर, गुजरात
28-29 अप्रैल, 2026
April 28-29, 2026